Karpur Gauram Karunavtaram Lyrics
Karpur Gauram Karunavtaram भगवान शिव को समर्पित एक प्रसिद्ध मंत्र है। यह प्रार्थना आरती और पूजा के समय गाई जाती है। माना जाता है कि इसके जाप से मन को शांति, पवित्रता और शिवजी की कृपा प्राप्त होती है। नीचे आपको इसका संस्कृत श्लोक, हिंदी अनुवाद, English transliteration और अर्थ दिया गया है।

॥ कर्पूरगौरं करुणावतारं ॥
कर्पूरगौरं करुणावतारं
संसारसारं भुजगेन्द्रहारम् ।
सदावसन्तं हृदयारविन्दे
भवं भवानीसहितं नमामि ॥
English Transliteration
Karpura Gauram Karunavtaram
Sansara Saram Bhujagendra Haram
Sada Vasantam Hridaya Aravinde
Bhavam Bhavani Sahitam Namami
Meaning of Karpur Gauram Karunavtaram in Hindi
कर्पूरगौरं करुणावतारं – जो कपूर के समान श्वेत और करुणामय अवतार हैं।
संसारसारं भुजगेन्द्रहारम् – जो सम्पूर्ण सृष्टि का सार हैं और जिनके गले में सर्पों का हार है।
सदावसन्तं हृदयारविन्दे – जो सदैव भक्तों के हृदय-रूपी कमल में विराजमान रहते हैं।
भवं भवानीसहितं नमामि – मैं उन भगवान शिव को माता भवानी सहित नमन करता हूँ।
👉 यह मंत्र शिवजी की महिमा, दया और पवित्रता का स्तवन है।
Karpur Gauram Karunavtaram Lyrics– English Meaning
Karpuragauram Karunavataram – The one who is as pure and white as camphor, the embodiment of compassion.
Sansarasaram Bhujagendram Haram – The essence of the entire universe, adorned with the mighty serpent as a garland.
Sada Vasantam Hridayaravinde – The one who always resides in the lotus of the devotee’s heart.
Bhavam Bhavani Sahitam Namami – I bow to Lord Shiva, who is with Goddess Bhavani (Parvati).
मंत्र के लाभ (Benefits)
मानसिक शांति – इसका जाप मन और मस्तिष्क को शांत करता है।
सकारात्मक ऊर्जा – घर-परिवार में सकारात्मक वातावरण लाता है।
आध्यात्मिक उन्नति – ध्यान व साधना में एकाग्रता बढ़ाता है।
शिव कृपा – भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा मिलती है।
भय नाश – डर और नकारात्मकता दूर होती है।
कब और कैसे जाप करें (How & When to Chant)
प्रातः और संध्या समय मंत्र का जाप श्रेष्ठ माना जाता है।
सोमवार और महाशिवरात्रि पर इसका पाठ विशेष फलदायी होता है।
दीपक, धूप और शुद्ध वातावरण में श्रद्धा से उच्चारण करें।
एकाग्र होकर कम से कम 11, 21 या 108 बार जाप करना शुभ होता है।
Frequently Asked Questions
Karpur Gauram Karunavtaram किस देवता को समर्पित है?
यह मंत्र भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है।
Karpur Gauram Karunavtaram का अर्थ क्या है?
यह मंत्र भगवान शिव के करुणामय, श्वेत और पवित्र स्वरूप का वर्णन करता है।
यह मंत्र कब पढ़ा जाता है?
पूजा, आरती, ध्यान और महाशिवरात्रि जैसे अवसरों पर।
क्या इसे रोज़ पढ़ा जा सकता है?
हाँ, रोज़ सुबह या शाम श्रद्धा के साथ पढ़ सकते हैं।
इस मंत्र का जाप करने से क्या लाभ होते हैं?
मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा, और शिवजी की कृपा प्राप्त होती है।
मंत्र का उच्चारण कैसे करना चाहिए?
शुद्ध उच्चारण और एकाग्रता के साथ 11, 21 या 108 बार।
क्या यह मंत्र केवल मंदिर में पढ़ना चाहिए?
नहीं, इसे घर या ध्यान स्थल पर भी पढ़ सकते हैं।
क्या इस मंत्र का PDF या Audio उपलब्ध है?
हाँ, PDF और Audio chant ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
केवल संस्कृत जानने वाले ही इसे पढ़ सकते हैं?
नहीं, Transliteration और हिंदी अनुवाद के साथ हर कोई पढ़ सकता है।
मंत्र का स्रोत क्या है?
यह प्राचीन स्तुति है जो शिव आराधना में प्रचलित है।
विशेष पर्वों पर जाप ज्यादा फलदायी होता है?
हाँ, खासकर महाशिवरात्रि और सावन मास में।
महिलाएं भी इस मंत्र का जप कर सकती हैं?
हाँ, हर कोई श्रद्धा से पाठ कर सकता है।
मंत्र पढ़ने का सही समय कौन सा है?
प्रातः और संध्या समय सबसे शुभ माना जाता है।
मंत्र पढ़ते समय ध्यान या पूजा जरूरी है?
हाँ, ध्यान और श्रद्धा के साथ पढ़ना अधिक फलदायी होता है।
मंत्र का जप कितनी बार करना चाहिए?
कम से कम 11, 21 या 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है।







