जय जयाजी गणपती स्तोत्र
यह श्री गणेश जी का भक्ति स्तोत्र न केवल पूजा-पाठ के समय गाया जाता है, बल्कि ये दिन या रात में आप कभी भी पाठ कर सकते है या सुन सकता है, गणपती बाप्पा का यह स्तोत्र मन को भक्ति और आनंद से भी भर देता है। जय जयाजी गणपती स्तोत्र को श्री कृष्ण सावंत जी ने संगीतबद्ध किया है और गायिका दीपाली राणे जी ने अपने मधुर स्वर में गाया है। यह स्तोत्र गणपति आरती और गणपति चालीसा की तरह भक्तों के हृदय में दिव्यता और श्रद्धा जगाने वाला भक्ति गीत है, जो ज्यादातर महाराष्ट्र में प्रसिद्ध है। इस स्तोत्र का नियमित पाठ विघ्नहर्ता गणेश जी की कृपा पाने और जीवन के सभी प्रकार के दुःख, बाधा और अशुभ प्रभावों से मुक्ति के लिए अत्यंत प्रभावी माना गया है।
श्री गणपति स्तोत्र – Jay jayaji Ganpati Lyrics
पूरा श्री गणेश स्त्रोत्र निचे दिया गया है,
॥ श्री गणपती स्तोत्र ॥
जय जयाजी गणपती
मज द्यावी विपुल मती
करावया तुमची स्तुती
स्पुर्ती द्यावी मज अपार ॥०१॥
तुझे नाम मंगलमूर्ती
तुज इंद्र-चंद्र ध्याती
विष्णू शंकर तुज पूजिती
अव्यया ध्याती नित्य काळी ॥०२॥
तुझे नाव विनायक
गजवदना तू मंगल दायक
सकल विघ्ने कलिमलदाहक
नाम-स्मरणे भस्म होती ॥०३॥
मी तव चरणांचा अंकित
तव चरणा माझे प्रणिपात
देवधीदेवा तू एकदंत
परिसे विज्ञापना माझी ॥०४॥
माझा लडिवाळ तुज करणे
सर्वांपरी तू मज सांभाळणे
संकटामाझारी रक्षिणे
सर्व करणे तुज स्वामी ॥०५॥
गौरीपुत्र तू गणपती
परिसावी सेवकाची विनंती
मी तुमचा अनन्यार्थी
रक्षिणे सर्वार्थेची स्वामिया ॥०६॥
तूच माझा माय बाप
तूच माझा देवराय
तूच माझी करिसी सोय
अनाथनाथा गणपती ॥०७॥
गजवदना श्रीलंबोदरा
सिद्धीविनायका भालचंद्रा
हेरंबा शिव पुत्रा
विघ्नेश्वरा अनाथ बंधू ॥०८॥
भक्तपालका करि करुणा
वरदमूर्ती गजानना
परशुहस्ता सिंदुरवर्णा
विघ्ननाशना मंगलमूर्ती ॥०९॥
विश्ववंदना विघ्नेश्वरा
मंगलाधीशा परशुधरा
पापमोचन सर्वेश्वरा
दिन बंधो नाम तुझे ॥१०॥
नमन माझे श्रीगणनाथा
नमन माझे विघ्नहर्ता
नमन माझे एकदंता
दीनबंधू नमन माझे ॥११॥
नमन माझे शंभूतनया
नमन माझे करुणांलया
नमन माझे गणराया
तुज स्वामिया नमन माझे ॥१२॥
नमन माझे देवराया
नमन माझे गौरीतनया
भालचंद्रा मोरया
तुझे चरणी नमन माझे ॥१३॥
नाही आशा स्तुतीची
नाही आशा तव भक्तीची
सर्व प्रकारे तुझिया दर्शनाची
आशा मनी उपजली ॥१४॥
मी मूढ केवळ अज्ञान
ध्यानी सदा तुझे चरण
लंबोदरा मज देई दर्शन
कृपा करि जगदीशा ॥१५॥
मती मंद मी बालक
तूच सर्वांचा चालक
भक्तजनांचा पालक
गजमुखा तू होशी ॥१६॥
मी दरिद्री अभागी स्वामी
चित्त जडावे तुझिया नामी
अनन्य शरण तुजला मी
दर्शन देई कृपाळुवा ॥१७॥
जय जयाजी गणपती स्तोत्र के लाभ
- मानसिक शांति और संतुलन
- आस्था और आत्मविश्वास में वृद्धि
- सफलता और सकारात्मक ऊर्जा
- विघ्न निवारण और सफलता का मार्ग
- विद्या, बुद्धि और स्मरण शक्ति
- सौभाग्य और समृद्धि
- आध्यात्मिक शांति और भक्ति
🌺 जय जयाजी गणपती स्तोत्र स्तोत्र PDF
नीचे दिए गए बटन से आप इस स्तोत्र को ऑनलाइन पढ़ सकते हैं या PDF डाउनलोड कर सकते हैं।
श्री गणपति स्तोत्र से जुड़े सामान्य प्रश्न
भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा गया है। इस स्तोत्र का पाठ करने से मन की उलझनें दूर होती हैं, कार्यों में आने वाली रुकावटें मिटती हैं और जीवन में शांति व सुख का संचार होता है।
अगर रोज़ाना श्रद्धा से एक बार भी पढ़ा जाए तो बहुत लाभ होता है। विशेष अवसरों या कठिन समय में इसे 3 बार पढ़ना शुभ माना जाता है।
सुबह स्नान के बाद या संध्या के समय शांत मन से पाठ करें। यह वह समय होता है जब वातावरण और मन दोनों शुद्ध रहते हैं, जिससे पाठ का प्रभाव बढ़ जाता है।
हाँ, यदि पूजा का समय न हो तो भी श्रद्धा भाव से इस स्तोत्र का पाठ किया जा सकता है। भगवान गणेश भाव के भूखे हैं, विधि के नहीं। सच्चे मन से किया गया पाठ हमेशा फलदायी होता है।
भगवान गणेश की प्रतिमा, तस्वीर या केवल उनके स्वरूप का ध्यान करें। मन को स्थिर रखकर, नाम जप या मंत्र के अर्थ पर ध्यान देने से मन को शांति मिलती है।
नई शुरुआत, परीक्षा, विवाह, गृहप्रवेश या किसी नए कार्य से पहले इसका पाठ बहुत मंगलकारी होता है। गणेश चतुर्थी या मंगलवार के दिन इसका विशेष महत्त्व है।
जय जयाजी श्री गणपति स्तोत्र वीडियो
Last Update: 13/11/22025
🛕 ईष्ट देवता
अपनी ऊर्जा, भक्ति और जीवनशक्ति के अनुसार अपने ईष्ट देवता को पहचानें —
| ईष्ट देवता | संपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| 🔱 शिव जी | शिव |
| 💪 हनुमान जी | हनुमान |
| 🐕🦺 भैरव बाबा | भैरव |
| 🌺 दुर्गा माता | दुर्गा |
| 🪔 श्री कृष्ण | कृष्ण |
| 🐘 गणेश जी | गणेश |
| ⚡ काली माता | काली |
| 🏹 श्री राम | राम |
| 🌊 विष्णु भगवान | विष्णु |
| 💰 लक्ष्मी माता | लक्ष्मी |
🌺 अपने ईष्टदेवता को जानें
ईष्टदेवता वह शक्ति हैं जो आपके जीवन के मार्ग को प्रकाशित करती हैं। अपने ईष्टदेवता को जानकर आत्मिक शक्ति, संतुलन और मन की शांति प्राप्त करें।
🙏 ईष्टदेवता जानें






