वैकुंठ में बैठे हैं प्रभु जी भजन
वैकुंठ में बैठे हैं प्रभु जी यह एक अत्यंत मधुर और भावपूर्ण विष्णु भजन है, जिसमें भक्त भगवान श्रीहरि विष्णु से कृपा की वर्षा करने की प्रार्थना करता है। यह भजन भक्ति, समर्पण और दिव्यता का अद्भुत संगम है, जो आत्मा को शांति और आनंद से भर देता है।
इस भजन में प्रभु श्रीविष्णु की करुणा, उनकी कृपालुता और भक्तों के प्रति स्नेह का भाव झलकता है। जब कोई भक्त सच्चे मन से उनका नाम लेता है, तो भगवान स्वयं उसकी रक्षा के लिए प्रकट होते हैं — ठीक उसी प्रकार जैसे गजेंद्र की पुकार सुनकर उन्होंने उसे मुक्ति दी थी।
🌼 श्रद्धा से “वैकुंठ में बैठे हैं प्रभु जी” भजन गाने से जीवन में शांति, सुख और परमात्मा की कृपा का संचार होता है। यह भजन हर गुरुवार या एकादशी के दिन गाया जाए तो इसका प्रभाव और भी शुभ होता है।
वैकुंठ में बैठे हैं प्रभु जी
वैकुंठ में बैठे हैं प्रभु जी,
कृपा ये अपनी बरसा रहे हैं ॥➊॥
जो भी इनके दर पे हैं आए,
बिगड़ी हुई को प्रभु पल में बनाए,
सभी को प्रभु जी निभा रहे हैं,
कृपा ये अपनी बरसा रहे हैं ॥➋॥
गजेंद्र के जैसे बोलो नारायण,
आएंगे प्रभु जी हरि नारायण,
भक्तों को प्रभु जी बचा रहे हैं,
कृपा ये अपनी बरसा रहे हैं ॥➌॥
लकी की प्रभु जी ठाकुर हैं न्यारे,
भक्तों को प्रभु जी लगते हैं प्यारे,
वही तो मुझसे लिखवा रहे हैं,
कृपा ये अपनी बरसा रहे हैं ॥➍॥
भजन संपूर्णम्
✍️ Lyrics – Lucky Shukla
वैकुंठ में बैठे हैं प्रभु जी भजन – पाठ के लाभ
- इस भजन के पाठ से भगवान श्रीविष्णु की कृपा से जीवन में शांति और सुख की प्राप्ति होती है।
- यह भजन मन को एकाग्र करता है और आत्मा को दिव्य शक्ति से जोड़ता है।
- भक्ति भाव से इसका गायन करने से घर में सुख-समृद्धि और सद्भाव बढ़ता है।
- गुरुवार, एकादशी या विष्णु-पंचक के अवसर पर इसका पाठ विशेष फलदायी होता है।
- यह भजन साधक को नकारात्मक विचारों और संकटों से मुक्ति दिलाता है।
- सच्चे मन से गाने पर श्रीहरि विष्णु स्वयं अपने भक्त की रक्षा करते हैं।
‘वैकुंठ में बैठे हैं प्रभु जी भजन’ से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQ)
1️⃣ यह भजन किस देवता को समर्पित है?
उत्तर: यह भजन भगवान श्रीविष्णु को समर्पित है, जो पालनहार और करुणामय नारायण कहलाते हैं।
2️⃣ इस भजन का भावार्थ क्या है?
उत्तर: इसमें भक्त प्रभु विष्णु से कृपा की वर्षा करने और अपने भक्तों की रक्षा करने की प्रार्थना करता है।
3️⃣ इस भजन का पाठ कब करना शुभ होता है?
उत्तर: हर गुरुवार, एकादशी या किसी भी विष्णु पूजन दिवस पर इसका पाठ करना अत्यंत शुभ माना गया है।
4️⃣ क्या यह भजन घर में गाया जा सकता है?
उत्तर: जी हाँ, इसे भक्ति भाव से घर में गाने पर वातावरण पवित्र और शांतिमय हो जाता है।
5️⃣ क्या इस भजन से मनोकामना पूर्ण होती है?
उत्तर: हाँ, सच्चे मन से भजन गाने से प्रभु विष्णु अपने भक्त की सभी उचित इच्छाएँ पूर्ण करते हैं।







