swami samarth tarak mantra lyrics

श्री स्वामी समर्थ तारक मंत्र लिरिक्स – मराठी पूर्ण मंत्र

श्री स्वामी समर्थ तारक मंत्र का महत्व

श्री स्वामी समर्थ महाराष्ट्र के एक महान संत थे, जिन्हें आध्यात्मिक शक्ति, चमत्कारिक शक्तियों और भक्तों के प्रति अटूट प्रेम के लिए जाना जाता है।

उनके चरणों में समर्पण और विश्वास रखने वाले भक्तों के जीवन में कठिनाइयाँ आसान हो जाती हैं।

स्वामी समर्थ तारक मंत्र एक अत्यंत प्रभावशाली मंत्र है, जिसे नियमित रूप से जपने से मानसिक शांति, साहस और आध्यात्मिक बल प्राप्त होता है।

यह मंत्र भक्तों को निडर बनाता है और जीवन की उलझनों को सरल करने में मदद करता है।

Swami Samarth Tarak Mantra Lyrics in Marathi

swami samarth tarak mantra lyrics
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॥ श्री स्वामी समर्थ तारक मंत्र ॥


गुरूर्ब्रह्मा गुरूर्विष्णुः गुरूर्देवो महेश्वरः ।
गुरूर्साक्षात परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ।।

निशंक होई रे मना, निर्भय होई रे मना ।
प्रचंड स्वामीबळ पाठीशी, नित्य आहे रे मना ।
अतर्क्य अवधूत हे स्मर्तुगामी,
अशक्य ही शक्य करतील स्वामी ।।१।।

जिथे स्वामीचरण तिथे न्युन्य काय,
स्वये भक्त प्रारब्ध घडवी ही माय।
आज्ञेवीना काळ ही ना नेई त्याला,
परलोकी ही ना भीती तयाला
अशक्य ही शक्य करतील स्वामी ।।२।।

उगाची भितोसी भय हे पळु दे,
वसे अंतरी ही स्वामीशक्ति कळु दे ।
जगी जन्म मृत्यु असे खेळ ज्यांचा,
नको घाबरू तू असे बाळ त्यांचा
अशक्य ही शक्य करतील स्वामी ।।३।।

खरा होई जागा श्रद्धेसहित,
कसा होसी त्याविण तू स्वामिभक्त ।
आठव! कितीदा दिली त्यांनीच साथ,
नको डगमगु स्वामी देतील हात
अशक्य ही शक्य करतील स्वामी ।।४।।

विभूति नमननाम ध्यानार्दी तीर्थ,
स्वामीच या पंचामृतात।
हे तीर्थ घेइ आठवी रे प्रचिती,
ना सोडती तया, जया स्वामी घेती हाती ।।५।।

श्री स्वामी समर्थ जय जय स्वामी समर्थ ।
श्री स्वामी समर्थ जय जय स्वामी समर्थ ।

भिऊ नको मी तुझ्या पाठीशी आहे.
— श्री स्वामी समर्थ —

मंत्र का अर्थ


इस मंत्र का उच्चारण और जप भक्तों को आत्मिक शक्ति, मानसिक शांति और साहस प्रदान करता है।

– “निशंक हो निर्भय हो मन रे” → मन को भयमुक्त और निडर बनाएं।
– “प्रचंड स्वामीबळ पाठीशी रे” → स्वामी समर्थ की शक्ति हमेशा आपके साथ है।
– “अतर्क्य अवधूत हे स्मरणगामी” → स्वामी का स्मरण करने से हर कठिनाई आसान हो जाती है।
– “अशक्य ही शक्य करतील स्वामी” → असंभव कार्य भी स्वामी समर्थ के आशीर्वाद से संभव हो जाते हैं।

इस मंत्र का नियमित जप करने से जीवन में आने वाली परेशानियां कम होती हैं और आध्यात्मिक बल बढ़ता है।
भक्तों को स्वामी समर्थ के चरणों में पूर्ण विश्वास और श्रद्धा बनाए रखना चाहिए।

जप विधि


1. स्थान: शांत और स्वच्छ स्थान चुनें जहाँ ध्यान भंग न हो।

2. समय: प्रातः काल या संध्याकाल में जप करना उत्तम माना जाता है।

3. माला का उपयोग: 11 माला (1188 बार) का जप करने से विशेष लाभ मिलता है।

4. भावना: जप करते समय मन, वचन और क्रिया से पूर्ण श्रद्धा और विश्वास रखें।

5. अनुष्ठान: दीपक और धूप के साथ मंत्र का जप करने से और भी अधिक शांति और ऊर्जा मिलती है।

6. नियमितता: रोजाना नियमित जप से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और आध्यात्मिक बल मिलता है।

श्री स्वामी समर्थ – आशीर्वाद

श्री स्वामी समर्थ के इस तारक मंत्र का जप और स्मरण जीवन में कठिनाइयों को दूर करता है और भक्तों को मानसिक शांति, साहस और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है।

नियमित श्रद्धा और विश्वास के साथ इस मंत्र का जप करें। स्वामी समर्थ आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाएंगे।

भक्तों को यह स्मरण रखना चाहिए कि स्वामी समर्थ की शक्ति असीम है और उनके चरणों में पूर्ण समर्पण से हर असंभव कार्य संभव हो सकता है।

Anuradha Paudwal Shri Swami Samarth Tarak Mantra Lyrics Video

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