Jai Bhairav Deva Aarti

जय भैरव देवा आरती | Bhairav Baba Ki Aarti Lyrics

काल भैरव की आरती – जय भैरव देवा

‘जय भैरव देवा आरती’ भगवान कालभैरव को समर्पित एक अत्यंत प्रभावशाली स्तुति है। इस आरती का पाठ करने से भय, दुख, पाप और नकारात्मक ऊर्जाएँ दूर होती हैं। भगवान भैरव अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और उन्हें न्याय, साहस एवं आत्मबल प्रदान करते हैं। भैरव आरती का नियमित गायन जीवन में सुरक्षा, शांति और सिद्धि का अनुभव कराता है। नीचे दी गई आरती में भैरवनाथ के दिव्य स्वरूप, उनकी कृपा और महिमा का सुंदर वर्णन किया गया है।

Jai Bhairav Deva Aarti Lyrics
Jai Bhairav Deva Aarti Lyrics

॥ जय भैरव देवा आरती ॥

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा ।
जय काली और गौरा देवी कृत सेवा ॥1॥

तुम्हीं पाप उद्धारक दुख सिंधु तारक ।
भक्तों के सुख कारक भीषण वपु धारक ॥2॥

वाहन शवन विराजत कर त्रिशूल धारी ।
महिमा अमिट तुम्हारी जय जय भयकारी ॥3॥

तुम बिन देवा सेवा सफल नहीं होंवे ।
चौमुख दीपक दर्शन दुख सगरे खोंवे ॥4॥

तेल चटकि दधि मिश्रित भाषावलि तेरी ।
कृपा करिए भैरव करिए नहीं देरी ॥5॥

पांव घुंघरू बाजत अरु डमरू डमकावत ।
बटुकनाथ बन बालक जन मन हर्षावत ॥6॥

बटुकनाथ जी की आरती जो कोई नर गावें ।
कहें धरणीधर नर मनवांछित फल पावें ॥7॥

🔱 जय भैरव बाबा की जय॥

जय भैरव देवा आरती का महत्व

“जय भैरव देवा” आरती भगवान कालभैरव को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली और रक्षक स्तुति है। यह आरती भय, संकट, पाप और नकारात्मक शक्तियों को दूर करने वाली मानी जाती है। भगवान भैरव की आराधना से व्यक्ति को साहस, न्याय, आत्मबल और अभयदान की प्राप्ति होती है।

भैरव अष्टमी, शनिवार तथा रात्रिकाल में इस आरती का पाठ विशेष रूप से फलदायी होता है। जो भक्त श्रद्धा और भक्ति से “जय भैरव देवा” आरती गाते हैं, उन्हें भगवान भैरव की कृपा से सुरक्षा, सिद्धि और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

जय भैरव देवा आरती के पाठ के लाभ

  • भैरव आरती के पाठ से जीवन में भय, पाप और दुखों का नाश होता है।
  • यह आरती नकारात्मक ऊर्जा और बाधाओं से सुरक्षा प्रदान करती है।
  • भगवान भैरव की कृपा से आत्मबल, साहस और सफलता की प्राप्ति होती है।
  • आरती का नियमित पाठ करने से व्यक्ति में अनुशासन और निर्णय शक्ति बढ़ती है।
  • शनिवार या भैरव अष्टमी पर आरती करने से विशेष पुण्य और सिद्धि मिलती है।
  • यह आरती साधक को रक्षक भैरव की दिव्य छाया में रखती है, जिससे भय और संकट दूर रहते हैं।

जय भैरव देवा आरती से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQ)

1️⃣ जय भैरव देवा आरती कब करनी चाहिए?
उत्तर: यह आरती प्रातःकाल, मध्यरात्रि या भैरव अष्टमी के दिन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

2️⃣ क्या इस आरती का पाठ घर पर किया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, यदि भक्ति भाव से की जाए तो घर पर भैरव आरती करने से भी वही फल प्राप्त होता है।

3️⃣ जय भैरव देवा आरती का मुख्य लाभ क्या है?
उत्तर: यह आरती भय, दुख, बुरे स्वप्न और शत्रु बाधा को नष्ट कर जीवन में शांति लाती है।

4️⃣ क्या इस आरती का पाठ रोज़ किया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, विशेषकर शनिवार और भैरव जयंती के दिन पाठ करने से अद्भुत फल प्राप्त होते हैं।

5️⃣ क्या महिलाएँ भी भैरव आरती कर सकती हैं?
उत्तर: जी हाँ, भगवान भैरव सभी भक्तों को समान रूप से कृपा देते हैं, लिंग का कोई भेद नहीं।

जय भैरव देवा आरती Youtube Video


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